RSS कि झाबुआ में भव्य रैली कॉलेज ग्राउंड से लेकर राजवाड़ा तक
झाबुआ में हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की एक भव्य रैली आयोजित की गई। यह आयोजन समाज में एकजुटता और राष्ट्रीय भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। रैली का प्रारंभ सुबह के समय हुआ, जब झाबुआ शहर के मुख्य मार्गों पर सजावट की गई थी। रास्तों को फूलों और झंडों से सजाया गया था, जिससे रैली का माहौल उत्सव जैसा लग रहा था।
रैली की शुरुआत में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया। उन्होंने लोगों को संघ के उद्देश्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के बारे में बताया। रैली का मुख्य संदेश था कि समाज में नैतिकता, संस्कृति और एकता को बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
रैली में झाबुआ के छोटे-बड़े सभी लोग शामिल हुए। इसमें छात्र, शिक्षक, व्यापारी, किसान, महिलाएँ और बुजुर्ग सभी मौजूद थे। लोग अपने-अपने परिवार के साथ आए थे और उन्होंने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। रैली में बच्चों की भी विशेष भागीदारी रही, जिन्होंने अपने हाथों में झंडे और पोस्टर लिए थे। पोस्टरों पर देशभक्ति और सामाजिक संदेश लिखे हुए थे।
रैली में शामिल लोगों ने राष्ट्रीय गान गाया और राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इसके बाद वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि RSS केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक विचारधारा है जो समाज में नैतिक मूल्यों और देशभक्ति को बढ़ावा देती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भाव को अपनाएँ।
रैली के दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इसमें स्थानीय कलाकारों ने नृत्य और गीत प्रस्तुत किए, जो लोगों को बहुत पसंद आए। विशेष रूप से लोकगीतों और नृत्यों ने झाबुआ की संस्कृति और परंपरा को प्रदर्शित किया। यह कार्यक्रम सभी उम्र के लोगों के लिए आकर्षक था।
इस रैली में स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने सुनिश्चित किया कि रैली शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। साथ ही, आयोजकों ने लोगों को पानी और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई।
रैली में शामिल लोग न केवल झाबुआ के ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों और कस्बों से भी आए थे। उन्होंने रैली के माध्यम से अपने सामाजिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों को निभाने का संकल्प लिया। बुजुर्ग और वरिष्ठ नागरिकों ने युवाओं को जीवन में अनुशासन और सेवा भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया।
रैली के अंत में सभी लोगों ने मिलकर “एकता और सेवा” के नारे लगाए। यह नारे न केवल लोगों में जोश भर रहे थे, बल्कि समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहे थे। रैली ने यह संदेश दिया कि यदि समाज के सभी लोग मिलकर काम करें, तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
रैली का समापन शाम के समय हुआ, लेकिन इसके प्रभाव लंबे समय तक महसूस किए गए। उपस्थित लोगों ने रैली के अनुभव को साझा किया और कहा कि उन्होंने अपने जीवन में समाज सेवा और राष्ट्रीय भावना को अपनाने का संकल्प लिया है। रैली ने झाबुआ में एकजुटता, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को नया उत्साह दिया।
संक्षेप में, झाबुआ की यह RSS रैली केवल एक आयोजन नहीं थी, बल्कि यह समाज में जागरूकता, अनुशासन और सेवा भावना को फैलाने का एक माध्यम थी। इसमें सभी उम्र के लोग शामिल हुए और एकजुट होकर राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
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