झाबुआ में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने पूरे जिले का नजारा बदल दिया है।
झाबुआ में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने पूरे जिले का नजारा बदल दिया है। चारों तरफ हरियाली छा गई है, खेतों में पानी भर गया है और नदी-नाले उफान पर हैं। यह बारिश लोगों के लिए राहत भी लाई है और कुछ जगहों पर परेशानी का कारण भी बनी हुई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि झाबुआ में तीन दिन से लगातार जारी इस बारिश का असर लोगों की ज़िंदगी, फसलों और प्रशासन पर कैसा पड़ा है।
🌧️ लगातार तीन दिन की बरसात: मौसम का मिजाज बदला
झाबुआ जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि में जिले में औसतन 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। सुबह से लेकर रात तक कहीं न कहीं बादल गरजते रहते हैं और हल्की से मध्यम वर्षा होती रहती है। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश ने तापमान में भी गिरावट कर दी है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है।
🌾 खेती-किसानी पर असर
इस बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी है। जो खेत सूखने की कगार पर थे, उनमें अब पानी भर गया है। कपास, सोयाबीन, मक्का और तुअर जैसी फसलों को इस बरसात से नई जान मिल गई है। जिन फसलों में पहले कीट या सूखने का डर था, वे अब तेजी से बढ़ रही हैं।
हालांकि कुछ निचले इलाकों में अधिक पानी भर जाने से फसलों को नुकसान भी हुआ है। खेतों में जलभराव के कारण कुछ जगहों पर पौधे गलने लगे हैं। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि अगर अगले कुछ दिन धूप निकल आए तो फसलें फिर से संभल जाएंगी।
🏠 शहर और गांवों में हालात
झाबुआ शहर में लगातार बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर पानी भर गया है। कुछ इलाकों जैसे थांदला रोड, कालीबिल, और अंबिका चौक के पास की गलियों में जलभराव देखने को मिला है। लोग पैदल निकलने में भी मुश्किल महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में तो कई छोटे पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। कुछ गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। प्रशासन ने ऐसे स्थानों पर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
🚜 यातायात और जनजीवन पर असर
बारिश की वजह से झाबुआ-दाहोद, झाबुआ-मेघनगर और झाबुआ-अलीराजपुर मार्गों पर यातायात धीमा पड़ा है। बसें और निजी वाहन फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी से चल रहे हैं। कुछ जगहों पर छोटे पुलों के ऊपर पानी आने से वाहनों को डायवर्ट किया गया है।
शहर के बाजारों में भी बारिश का असर साफ देखा जा सकता है। लोगों की आवाजाही कम हो गई है, दुकानों पर भीड़ कम नजर आ रही है। हालांकि, चाय और पकौड़ों की दुकानों पर रौनक बढ़ गई है।
💧 नदी-नाले और जलाशय लबालब
लगातार हुई बारिश से झाबुआ जिले की प्रमुख नदियाँ जैसे अनास, माही और पदमावती नदी में जलस्तर बढ़ गया है। कई छोटे नाले और तालाब अब पूरी तरह भर चुके हैं। यह जलसंचयन आने वाले दिनों में ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होगा, क्योंकि इससे भूजल स्तर भी सुधरेगा।
झाबुआ डैम और आसपास के तालाबों में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। प्रशासन ने बांधों की निगरानी के लिए टीमों को तैनात किया है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके।
🧑🤝🧑 लोगों की प्रतिक्रियाएं
शहरवासियों का कहना है कि यह बारिश लंबे इंतजार के बाद आई है। किसान समुदाय खुश है कि धरती ने फिर से रौनक पकड़ ली है। वहीं कुछ लोगों ने चिंता जताई कि लगातार हो रही बारिश से मकानों की दीवारें गीली हो रही हैं और बिजली की कटौती भी बढ़ गई है।
बच्चे बारिश में खेलने का मजा ले रहे हैं, जबकि महिलाएं घरों में गरम पकवान जैसे भुट्टा, पकोड़े और चाय बनाकर मौसम का आनंद उठा रही हैं।
⚠️ प्रशासन की तैयारी
झाबुआ जिला प्रशासन ने लगातार मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। संवेदनशील इलाकों में राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट पर हैं। ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि वे पुल-पुलियों के पास किसी को भी न जाने दें।
एसडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन कुछ गांवों में अस्थायी तौर पर राहत सामग्री भेजी गई है।
🌈 बारिश के बाद की उम्मीदें
तीन दिन की यह बारिश झाबुआ के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। सूखते तालाबों में पानी भर गया है, खेतों में हरियाली लौट आई है और किसानों को अब अच्छी फसल की उम्मीद है। अगर आने वाले दिनों में मौसम साफ हो गया, तो यह बरसात पूरे जिले के लिए वरदान बन जाएगी।
🌦️ निष्कर्ष
झाबुआ में लगातार तीन दिनों से हुई बारिश ने जहां लोगों को राहत दी है, वहीं कुछ मुश्किलें भी बढ़ाई हैं। खेतों की हरियाली, नदियों की लहरें और ठंडी हवाएं इस मौसम को खास बना रही हैं। यह बारिश झाबुआ की धरती के लिए नई उम्मीद, नई ऊर्जा और खुशहाली का संदेश लेकर आई है।
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