सड़क दुर्घटना: अलीराजपुर के जोबट में बाइक दुर्घटना में एक युवक की मौत
1. सड़क दुर्घटना: अलीराजपुर के जोबट में बाइक दुर्घटना में एक युवक की मौत
अलीराजपुर जिले के जोबट क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई, जिसने एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं। यह घटना गुडा गांव के पास हुई, जहाँ दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवा, जिसकी पहचान एमएससी की पढ़ाई कर रहे युवक के रूप में हुई है, की मौके पर ही मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, मृतक युवक टेमाची गांव का निवासी था और इंदौर से अपने गांव लौट रहा था।
इस दुर्घटना में दोनों बाइकों पर सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जोबट थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय सड़कों पर यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता और युवाओं के बीच सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूकता फैलाने की गंभीरता को रेखांकित किया है।
2. लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त ट्रांसफर
झाबुआ और अलीराजपुर जिले सहित पूरे मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त का सफल ट्रांसफर किया गया है। यह योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की गरीब और मध्यम वर्गीय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस किस्त के माध्यम से, योजना की पात्र 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के बैंक खातों में निर्धारित राशि सीधे जमा की गई है।
स्थानीय प्रशासन और कलेक्टर ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त की और घोषणा की कि महिलाओं को यह बड़ी सौगात मिली है। इस किस्त के जारी होने से झाबुआ और अलीराजपुर की ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं को विशेष राहत मिलेगी। यह राशि उन्हें अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने, बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने और परिवार को आर्थिक सहारा देने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी के प्रवाह को बढ़ाती है और महिलाओं के सामाजिक तथा आर्थिक स्तर को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। योजना की सफलता को देखते हुए, लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री और सरकार का आभार व्यक्त किया है।
3. त्योहारी बाजार और प्रशासन की कार्रवाई (दीपावली)
दीपावली के करीब आते ही झाबुआ और अलीराजपुर के बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है, लेकिन साथ ही प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बाजार और व्यवस्था संबंधी चिंताएं:
* गैस संकट: त्योहारों के दौरान सबसे बड़ी समस्या सामने आई है, जहाँ सिलेंडर की बुकिंग पेंडिंग होने के कारण उपभोक्ताओं को गैस संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।
* अवैध और मिलावटी सामान पर कार्रवाई: खाद्य सुरक्षा और नापतोल विभाग की संयुक्त टीम ने सख्ती दिखाते हुए बाजारों में कार्रवाई की। इस दौरान, अवैध रूप से पटाखे बेच रही दो दुकानों पर पुलिस और विभाग ने कार्रवाई की। इसके अलावा, मिठाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी जांच की गई और लगभग 60 किलोग्राम मिलावटी या अमानक मिठाई जब्त की गई। यह कार्रवाई लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
सरकारी और सामाजिक पहल:
* त्योहारी उत्साह को बढ़ाने के लिए झाबुआ में कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने स्वदेशी मेले और दीपोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया।
* झाबुआ के भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी धनतेरस के मौके पर लोगों से स्थानीय बाजार से खरीदी कर 'स्वदेशी' अपनाने की अपील की, ताकि स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों को बढ़ावा मिल सके।
कुल मिलाकर, प्रशासन त्योहारी सीजन में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है, जबकि राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।
4. वित्तीय/भ्रष्टाचार से जुड़े मामले
झाबुआ और अलीराजपुर क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है, जो सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
* रिश्वतखोरी पर कार्रवाई (झाबुआ): झाबुआ में लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेट बैंक के असिस्टेंट मैनेजर और एक हाउसकीपर को रंगे हाथों पकड़ा। यह गिरफ्तारी ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए की गई। यह मामला सरकारी और वित्तीय संस्थानों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
* पंचायत घोटाला (झाबुआ): झाबुआ की रामा जनपद पंचायत में वित्तीय अनियमितता का एक गंभीर मामला सामने आया है। ऑडिट रिपोर्ट में ₹1.92 करोड़ के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन पंचायत कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। यह घटना स्थानीय सरकारी निकायों में वित्तीय प्रबंधन की निगरानी की आवश्यकता पर जोर देती है।
ये दोनों मामले दिखाते हैं कि प्रशासन न केवल बड़े घोटालों पर, बल्कि रोजमर्रा की रिश्वतखोरी पर भी कड़ी नजर रख रहा है, जिससे आम जनता में सरकारी सेवाओं के प्रति विश्वास बहाल हो सके।
5. अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई (शराब तस्करी और आदिवासी अधिकार)
झाबुआ और अलीराजपुर में अवैध गतिविधियों, विशेषकर शराब तस्करी, पर पुलिस और आबकारी विभाग लगातार शिकंजा कस रहे हैं।
* अवैध शराब तस्करी पर कार्रवाई: पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए अवैध शराब की एक बड़ी खेप पकड़ी। पुलिस ने एक स्कोडा कार से भारी मात्रा में बीयर और व्हिस्की जब्त की। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने उत्तर प्रदेश (यूपी) के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो संभवतः त्योहारों के दौरान अवैध रूप से शराब बेचने के इरादे से यह खेप ला रहा था। जब्त शराब की कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है।
* आदिवासी अधिकारों के लिए आवाज: अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के अलावा, एक महत्वपूर्ण सामाजिक खबर भी सामने आई है। झाबुआ के आदिवासियों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ मुखर आवाज उठाई है। उन्होंने शराबबंदी से लेकर जल-जंगल-जमीन के अधिकारों तक विभिन्न मुद्दों को लेकर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह विरोध प्रदर्शन आदिवासी समाज में व्याप्त समस्याओं और उनके समाधान की मांग को रेखांकित करता है।
पुलिस और प्रशासन की यह सक्रियता न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करती है, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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