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झाबुआ: प्रेम प्रसंग में अंधी पत्नी ने रची खौफनाक साजिश, प्रेमी के साथ मिलकर पति को उतारा मौत के घाट

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झाबुआ: प्रेम प्रसंग में अंधी पत्नी ने रची खौफनाक साजिश, प्रेमी के साथ मिलकर पति को उतारा मौत के घाट झाबुआ। मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले झाबुआ में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक रूहानी मामला सामने आया है। यहाँ एक पत्नी ने अपने अवैध प्रेम संबंधों के रास्ते से पति को हटाने के लिए उसकी निर्मम हत्या कर दी। 'प्यार, धोखा और कत्ल' की इस कहानी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का विवरण: आधी रात को खूनी खेल घटना झाबुआ जिले के एक ग्रामीण थाना क्षेत्र की है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की पहचान ३५ वर्षीय स्थानीय निवासी के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में यह सामान्य मौत का मामला लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने बारीकी से तफ्तीश की, तो परत दर परत राज खुलते चले गए। बीती रात जब पूरा गांव गहरी नींद में सोया था, तभी इस वारदात को अंजाम दिया गया। महिला ने अपने प्रेमी को घर बुलाया और सोते हुए पति पर कुल्हाड़ी और भारी पत्थरों से हमला कर दिया। हमले इतना जोरदार था कि मृतक को संभलने तक का मौका ...

शोकाकुल खबर: अजित पवार की विमान दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हेलीकॉप्टर क्रेश

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📰 शोकाकुल खबर: अजित पवार की विमान दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हेलीकॉप्टर क्रेश  28 जनवरी 2026 की सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता अमरनाथ “अजित” पवार का विमान दुर्घटना का शिकार हो गया। यह हादसा बारामती, पुणे (महाराष्ट्र) में तब हुआ जब विमान लैंडिंग के प्रयास के दौरान रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें भारी आग लग गई। दुर्घटना में उनकी भीषण मृत्यु हो गई और इससे जुड़ी तमाम राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। ✈️ कहां और कैसे हुआ हादसा? • 28 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 8:45 बजे महाराष्ट्र के बारामती हवाई अड्डे पर एक प्राइवेट चार्टर्ड विमान (Learjet 45XR, रजिस्ट्रेशन VT-SSK) लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। • विमान मुंबई से बारामती जा रहा था, जहाँ अजीत पवार चुनाव प्रचार कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले थे। • लैंडिंग के दौरान विमान नियंत्रण खो बैठा , रनवे से फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें भयंकर आग लग गई । वजहों की पूरी जांच अभी चल रही है, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों में लैंडिंग में तकनीकी कठिनाइयाँ या मौसम को संभावित कारण ...

झाबुआ में गोरक्षा के संकल्प के साथ ऐतिहासिक सभा; 27 जनवरी को जिला रहा पूर्णतः बंद रहा था

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    झाबुआ (मध्य प्रदेश)  झाबुआ में गोरक्षा के संकल्प के साथ ऐतिहासिक सभा; 27 जनवरी को जिला रहा पूर्णतः बंद रहा था  झाबुआ | 28 जनवरी, 2026 मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में कल, 27 जनवरी 2026 को गोरक्षा के मुद्दे पर हिंदू समाज के आह्वान पर एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के समर्थन में पूरे जिले में अभूतपूर्व एकता देखने को मिली और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से लेकर परिवहन तक सब कुछ पूरी तरह बंद रहा। उत्कृष्ट मैदान में उमड़ा जनसैलाब झाबुआ के उत्कृष्ट मैदान में आयोजित इस भव्य सभा में सनातन समाज के हजारों लोग एकत्रित हुए।  सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में मैदान पूरी तरह भरा हुआ नजर आया, वहां पर  लोग शांतिपूर्ण ढंग से बैठकर वक्ताओं को सुनते और गोरक्षा का संकल्प लेते दिखाई दिए। कार्यक्रम के दौरान 'हिंदू समाज के आह्वान' के बैनर तले समाज की मजबूती और गौरक्षा के प्रति जागरूकता पर जोर दिया गया। बंद का व्यापक असर आह्वान के चलते झाबुआ शहर सहित जिले के अन्य कस्बों में भी बंद का व्यापक असर रहा। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाजार स्फूर्त बंद रहे। ...

नव वर्ष 2026: एक नई उम्मीद, नई उर्जा और नई मानवता की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं 💐

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नव वर्ष 2026: एक नई उम्मीद, नई उर्जा और नई मानवता की कहानी "समय का पहिया अनवरत घूमता रहता है। पल-पल बदलती इसकी गति में एक पड़ाव आता है, जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, सामने पथ आशा से आलोकित करते हैं और वर्तमान क्षण को शुभकामनाओं के रंगों से सराबोर कर देते हैं।" यही है नव वर्ष का सार। 31 दिसंबर 2025 की आधी रात जब घड़ी का कांटा 12 बजाएगा, तो एक पूरा विश्व सामूहिक रूप से एक साथ सांस लेगा – 'नया साल मुबारक हो'। यह केवल कैलेंडर का पन्ना पलटना नहीं है, यह मानवीय चेतना का वह उत्सव है, जहां हम अतीत के बोझ को विदाई देकर भविष्य के हल्केपन को गले लगाते हैं। 2026 में प्रवेश करते हुए, यह शुभकामना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक गहन आशा, एक सामूहिक प्रार्थना और एक वैश्विक संकल्प है। नव वर्ष: केवल तिथि परिवर्तन नहीं, चेतना का परिवर्तन है नव वर्ष का आगमन प्रकृति के चक्र से गहराई से जुड़ा है। सर्दियों की निष्क्रियता के बाद वसंत के आगमन की प्रतीक्षा, यह अवसर हमें प्रकृति की पुनर्जन्म की क्षमता से जोड़ता है। 2026 का वर्ष हमें यह याद दिलाने आ रहा है कि जिस प्रकार प्रकृति प्रत्...