बिरसा मुंडा जयंती जनजाति गौरवदिवस भारत
🌿 भगवान बिरसा मुंडा की जयंती: 'जनजातीय गौरव दिवस' और एक ऐतिहासिक प्रेरणा (लगभग 850 शब्द) भारत के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका संघर्ष और बलिदान उन्हें जनमानस में 'भगवान' का दर्जा दिला देता है। इन्हीं महान विभूतियों में से एक हैं भगवान बिरसा मुंडा, जिनकी जयंती 15 नवंबर को पूरे देश में 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में मनाई जाती है। यह दिन न सिर्फ बिरसा मुंडा के जन्म का उत्सव है, बल्कि यह उन सभी बहादुर जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ब्रिटिश हुकूमत और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ लोहा लिया। 🌄 प्रारंभिक जीवन और विद्रोह की पृष्ठभूमि भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड (तत्कालीन बिहार) के खूंटी जिले के उलिहातू गाँव में एक गरीब मुंडा परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम सुगना मुंडा और माता का नाम करमी मुंडा था। गरीबी और अभावों के बीच पले-बढ़े बिरसा ने बाल्यावस्था से ही अपने समुदाय पर हो रहे अत्याचारों को देखा। उस समय, छोटानागपुर क्षेत्र में जनजातीय ज...